कसौटी पर मीडिया

                                                              
आज सोशल मीडिया एक ऐसा मंच बन चुका है जहां हर व्यक्ति  अपनी भावनाएं खुले रूप से प्रकट कर सकते है। लेकिन यह स्वतंत्रता आज समाज में अंधकार फैलाने का भी काम कर रही है, क्योंकि भारत में लगभग बावन करोड़ लोग  सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। आज सोशल मीडिया पर बहुत ही अभ्रद भाषा का प्रयोग किया जा ररहा है। किसी पार्टी के नेता का फोटो लगा कर कमेंट बाक्स में  ऐसी भाषा प्रयोग कर देते हैं कि कोई उसे पढ़ना सम्भव ही नहीं समझता है। किसी का फोटो लगाकर उस पर कोई गलत कमेंट करना मीडिया का दुरुपयोग है।
संविधान के अनुसार हमारी स्वतंत्रता का अधिकार हमें किसी अन्य की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं देता है। इसके प्रति लोगों को जागरूक हो ना चाहिए, क्योंकि मीडिया समाज का एक ऐसा दर्पण है जो जागरुक करने  के साथ - साथ समाज को साक्षर भी बनाता है। मीडिया की विश्वसनीयता कायम रहे इसके लिए लोगों को मीडिया की भूमिका और अपने कर्तव्यों  को जानना होगा। अगर अखबार, रेडियो  जैसे साधन न हो तो समाज के  अधिकतर लोग सूचनाओं से वन्चित रह जाऐगे और समाज का विकास नहीं हो सकेगा। 

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