धर्म

                                                              
इन दिनों  धर्म का जितना दुरुपयोग हो रहा है उतना शायद ही कभी हुआ हो। आज धर्म को लोगों ने अपने कुकर्मों के बचाव के लिए ढाल बना लिया है। असल में धर्म वह है जिसे धारण किया जा सके। धर्म हमें सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा  देता है  जीवन जजीने की दिशा देता। इन्सानियत  के पथ पर चलने का सन्देश देता है। ऊंच नीच, अच्छे  बुरे से  अवगत कराता है। धर्म जोड़ाना सिखाता है तोड़ना नहीं। जीवन बचाना सिखाता है मारना काटना नहीं। 

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